अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक संकेतकों और बाजार की गतिविधियों के बीच निवेशकों की सतर्कता के चलते तेल के प्रमुख बेंचमार्क में कमजोरी देखने को मिली।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमत में 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 78.67 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में 1.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसकी कीमत 75.46 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रह गई।
ऊर्जा बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक मांग और आपूर्ति से जुड़े संकेत, भू-राजनीतिक परिस्थितियां तथा आर्थिक विकास की संभावनाएं कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। निवेशक इन कारकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जिसके चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। तेल आयात करने वाले देशों के लिए यह राहत की खबर हो सकती है, क्योंकि इससे आयात लागत कम होने की संभावना रहती है। वहीं, तेल निर्यातक देशों की आय पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और ऊर्जा बाजार की दिशा के आधार पर कच्चे तेल की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में नरमी का रुख बना हुआ है।
