भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार मजबूती के साथ हरे निशान में खुला। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, कंपनियों के मजबूत दूसरी तिमाही के नतीजों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में करीब 1 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।
सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार उछाल
बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 75,692.78 के मुकाबले 595.87 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,288.65 पर खुला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स में तेजी और बढ़ी तथा यह 728.70 अंक यानी 0.96 प्रतिशत उछलकर 76,421.48 के इंट्रा-डे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह एनएसई निफ्टी 50 भी पिछले बंद स्तर 23,440.80 से 141.45 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,582.25 पर खुला। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 198.40 अंक यानी 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,639.20 का इंट्रा-डे हाई छुआ।
बाजार में व्यापक खरीदारी के चलते निवेशकों का भरोसा मजबूत होता दिखाई दिया।
वित्तीय और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज एक्स-बैंक इंडेक्स लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
इसके अलावा केमिकल, एफएमसीजी और मीडिया क्षेत्र के शेयरों में भी मजबूती रही। इन सेक्टरों के सूचकांकों में 0.77 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।
प्राइवेट बैंक, सीमेंट, आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों के शेयर भी हरे निशान में कारोबार करते रहे। हालांकि, हेल्थकेयर और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में मुनाफावसूली के चलते कुछ दबाव देखने को मिला।
कच्चे तेल में नरमी और एफआईआई की खरीदारी से बाजार को समर्थन
बाजार में तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों का 104 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आना भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
इसके अलावा कंपनियों के बेहतर दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे, वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निवेश की थीम में नरमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी से बाजार में तेजी को समर्थन मिल रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महत्वपूर्ण है। इससे आयात बिल और महंगाई के दबाव में कमी आने की संभावना रहती है, जिसका सकारात्मक असर कंपनियों की लागत और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
एफआईआई ने 3,114 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी जारी रखी। आंकड़ों के मुताबिक, एफआईआई ने 3,114 करोड़ रुपये की शुद्ध इक्विटी खरीदारी की।
इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगातार दूसरे दिन बिकवाली की। डीआईआई ने सोमवार को 392 करोड़ रुपये की शुद्ध बिक्री की।
विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी से बाजार में तेजी की उम्मीद मजबूत हुई है। हालांकि, आगे बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, कंपनियों के नतीजों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।
