प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे। इस योजना का उद्देश्य देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, युवाओं को औपचारिक कार्यबल से जोड़ना और छोटे उद्यमों को मजबूत बनाना है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बताया कि अगस्त 2025 से अब तक इस योजना के माध्यम से 63 लाख से अधिक कर्मचारियों को औपचारिक कार्यबल में शामिल किया गया है। इनमें लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो देश में महिला रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
डॉ. मंडाविया ने कहा कि इस योजना के तहत लाभान्वित होने वाले 80 प्रतिशत से अधिक प्रतिष्ठान छोटे उद्यम हैं, जिनमें 25 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार छोटे और उभरते उद्योगों को रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने बताया कि पहली बार सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले युवाओं को योजना के अंतर्गत दो किस्तों में अधिकतम 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह सहायता युवाओं को रोजगार की शुरुआत में आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी जा रही है।
मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 15 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में प्रोत्साहन राशि सीधे भेजी जाएगी। इससे योजना का लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे पात्र लोगों तक पहुंचेगा।
डॉ. मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है, बल्कि छोटे और उभरते उद्यमों को भी मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और यह योजना उन्हें अधिक लोगों को रोजगार देने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
सरकार का मानना है कि रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देकर विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इसी दिशा में यह योजना युवाओं, महिलाओं और छोटे उद्योगों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आज जारी की जाने वाली प्रोत्साहन राशि इस पहल को और अधिक गति देने का काम करेगी।
