उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक अग्निकांड में 14 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के छात्र बताए जा रहे हैं। हादसे में 4 छात्र घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए केजीएमयू, लखनऊ में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, अलीगंज के पुरनिया इलाके में एक दुकान के ऊपर संचालित हो रहे एनिमेशन कोचिंग सेंटर में अचानक आग लग गई। आग तेजी से पूरी इमारत में फैल गई, जिससे अंदर मौजूद छात्र फंस गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यह इमारत एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स थी, जिसमें कोचिंग सेंटर, गेम ज़ोन और कई शोरूम भी संचालित हो रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। कई लोगों ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी। दमकल कर्मियों ने दीवार तोड़कर इमारत के भीतर प्रवेश किया और फंसे लोगों को बाहर निकाला।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि हादसे की जांच के लिए डीजीपी और अपर मुख्य सचिव (गृह) की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति आग लगने के कारणों की जांच करेगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल और अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए और कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। साथ ही घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
