राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मोल्दोवा की राजधानी किशिनाउ (Chișinău) में देश के राष्ट्रीय नायक स्टीफन सेल मारे शी स्फांत के स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर भारत और मोल्दोवा के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। यह समारोह दोनों देशों के बीच साहस, संप्रभुता और मित्रता जैसे साझा मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा।
राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत-मोल्दोवा व्यापार मंच को संबोधित करते हुए दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत और मोल्दोवा के बीच कई उच्च विकास वाले क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह पहली राजकीय मोल्दोवा यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और जन-से-जन संबंधों को नई मजबूती देने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और मोल्दोवा के संबंध आपसी सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा शांति और विकास के साझा संकल्प पर आधारित हैं। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत विश्वास और साझा समृद्धि पर आधारित साझेदारी को बढ़ावा देना चाहता है। वहीं, मोल्दोवा की रणनीतिक स्थिति, कुशल कार्यबल और यूरोपीय बाजारों से बढ़ता जुड़ाव भारतीय उद्योगों के लिए इसे आकर्षक निवेश गंतव्य बनाता है।
उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर सुरक्षा, फिनटेक, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा, आधारभूत संरचना, उन्नत विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, औषधि निर्माण, जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
राष्ट्रपति मुर्मू ने ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती साझेदारी का भी स्वागत किया। उन्होंने बताया कि भारतीय कंपनियां किशिनाउ को रोमानिया से जोड़ने वाली उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन परियोजना पर कार्य कर रही हैं, जिससे मोल्दोवा की ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां सौर ऊर्जा, बैटरी भंडारण, स्मार्ट ग्रिड और हरित हाइड्रोजन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में भी निवेश करने की इच्छुक हैं।
राष्ट्रपति ने मोल्दोवा की कंपनियों को भारत में व्यापार और निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आमंत्रण दिया तथा भारतीय उद्योगों को भी मोल्दोवा में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-मोल्दोवा व्यापार मंच दोनों देशों के बीच नए व्यापारिक संबंधों और नवाचार आधारित साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त करेगा।
