भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कई अहम मुद्दों पर बात की। इसमें भारत में अमेरिकी राजदूत के जम्मू-कश्मीर दौरे पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया, भारतीय सचिव का फिलिस्तीन दौरा, यमन-सोमालिया में भारतीय नागरिकों से जुड़े जहाज हाईजैक मामले और अरिहा शाह केस पर अपडेट शामिल है।
1. अमेरिकी राजदूत के बयान पर पाकिस्तान को दो टूक
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में श्रीनगर का दौरा किया और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात कर जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया।
- पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: इस बयान के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ गई और उसने इस्लामाबाद में अमेरिकी डिप्लोमैट को तलब कर लिया।
- भारत का जवाब: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुझे पाकिस्तान की निराशा पर टिप्पणी करने की कोई वजह नहीं दिखती। मुझे यही कहना है।”
2. भारतीय सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन का फिलिस्तीन दौरा
भारतीय सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन के हालिया फिलिस्तीन दौरे पर विदेश मंत्रालय ने विस्तृत जानकारी दी।
- दौरे की अवधि: यह तीन दिवसीय दौरा 18 से 20 अगस्त तक रहा।
- उच्च स्तरीय मुलाकातें: उन्होंने रामल्लाह का दौरा किया और फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री के साथ-साथ विदेश, स्वास्थ्य, श्रम और शिक्षा मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं।
- विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक संदेश, प्रेस विज्ञप्ति और बयान भी जारी किए हैं।
3. यमन और सोमालिया में हाईजैक हुए दो जहाज, 22 भारतीय सुरक्षित
विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यमन और सोमालिया के पास समुद्री डाकुओं ने दो जहाजों को हाईजैक कर लिया है, जिन पर भारतीय नागरिक सवार हैं।
- जहाजों की स्थिति: ये दोनों जहाज अन्य देशों के झंडे वाले हैं। इनमें से एक जहाज पर 16 और दूसरे पर 6 यानी कुल 22 भारतीय नागरिक सवार हैं।
- राहत भरी खबर: मंत्रालय के अनुसार, अब तक की जानकारी के मुताबिक जहाज पर सवार सभी 22 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।
- भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।
4. अरिहा शाह मामले पर अपडेट
चर्चित अरिहा शाह केस को लेकर पूछे गए सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि फिलहाल उनके पास इस मामले पर कोई नया अपडेट नहीं है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार बच्ची की कॉन्सुलर (कौंसुलर) जरूरतों का पूरा ध्यान रख रही है और भारतीय दूतावास इस सिलसिले में लगातार बच्ची और जर्मन अधिकारियों के संपर्क में बना हुआ है।
