नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने राहत एवं बचाव प्रयासों को मजबूत करने के लिए 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी है। भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए जरूरी मेडिकल सप्लाई समेत राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई जा रही है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल में बाढ़ की त्रासदी पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत नेपाल और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
सी-130जे विमान से भेजी गई जरूरी सामग्री

भारतीय वायुसेना का सी-130जे विमान राहत सामग्री लेकर नेपाल रवाना हुआ। इसमें प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय की सामग्री, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और आवश्यक दवाएं शामिल हैं। इन सामग्रियों का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने में किया जाएगा।
भारतीय वायुसेना ने बताया कि राहत अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा। जरूरत के अनुसार सी-17 और सी-130 विमानों के जरिए अतिरिक्त राहत सामग्री नेपाल भेजी जाएगी। प्रभावित इलाकों में बचाव और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं।
पीएम मोदी ने नेपाल को दिया मदद का भरोसा
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने बाढ़ में हुई जनहानि पर दुख जताते हुए नेपाल के प्रति संवेदना व्यक्त की।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़ा है और हरसंभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय और नेपाली टीमें राहत एवं बचाव अभियान में आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
कई लोग अब भी लापता
नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास के अनुसार, आपदा का प्रभाव काफी व्यापक है और कई विदेशी नागरिकों समेत बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान तेज करना और जरूरतमंद लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना है।
रसुवा में भारी तबाही
नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तेज फ्लैश फ्लड आई। बाढ़ ने आसपास के इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। कई लोग प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में नेपाली सुरक्षा बलों और बचाव एजेंसियों के साथ भारतीय सहायता दल भी राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की राहत जरूरतों के अनुसार अतिरिक्त सहायता भेजने की तैयारी है।
