प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वडोदरा में ₹35,000 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास पहलों का उद्घाटन और शिलान्यास किया
इस अवसर पर पीएम मोदी ने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन प्रमुख वर्गों को राष्ट्र को समर्पित किया, जिससे फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क पूर्ण रूप से चालू हो गया है। एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने 2,800 किलोमीटर से अधिक लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण को 21वीं सदी के भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में परिकल्पित यह परियोजना वर्षों तक रुकी रही, लेकिन पिछले एक दशक में इसमें अभूतपूर्व तेजी आई है। पैसेंजर और मालगाड़ियों के ट्रैक अलग होने से यात्रा के समय में भारी कमी आई है, ईंधन की बचत हो रही है और आपूर्ति श्रृंखला तेज व स्वच्छ हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरा है, जहां अब उन्नत ट्रेन और मेट्रो कोच का निर्माण हो रहा है। “चिप टू शिप” (Chip to Ship) के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर भारी समुद्री जहाजों तक एक पूरी तरह से आत्मनिर्भर आपूर्ति श्रृंखला तैयार की जा रही है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि AI जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों को ध्यान में रखते हुए सौर, परमाणु और पवन ऊर्जा के जरिए एक मजबूत ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने न्यू सानंद, न्यू मकरपुरा, न्यू उमरगांव और न्यू JNPT से मालगाड़ी सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही तांडा रोड और वडोदरा के बीच एक नई यात्री ट्रेन सेवा शुरू की, जो अलीराजपुर के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ती है।
पीएम मोदी ने गुजरात और मध्य प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ₹9,700 करोड़ से अधिक की तीन रेलवे विस्तार परियोजनाओं और ₹1,780 करोड़ की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गुजरात सरकार की ₹2,600 करोड़ की नागरिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिसमें कडाना बांध पर मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट और PMAY आवास इकाइयां शामिल हैं।
