सीतामढ़ी जिले के बथनाहा प्रखंड स्थित सोनमा गांव के जूगेश्वर सिंह आज एक सफल और प्रगतिशील किसान के रूप में पहचान बना चुके हैं। उन्होंने परंपरागत खेती को छोड़कर सब्जी उत्पादन को अपनाया और इसके माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
जूगेश्वर सिंह वर्तमान में परवल, फूलगोभी, पत्तागोभी, ब्रोकली और पहली बार गुलाबी गोभी जैसी उन्नत सब्जियों की खेती कर रहे हैं। वे बताते हैं कि पहले वे धान और गेहूं जैसी परंपरागत फसलों की खेती करते थे, जिससे केवल परिवार का गुजारा हो पाता था और आर्थिक उन्नति संभव नहीं हो पाती थी। इसी कारण उन्होंने कृषि विभाग से बीज उपचार और आधुनिक सब्जी उत्पादन की जानकारी ली और इस क्षेत्र में कदम रखा।
उन्होंने बताया कि आज उनके तीनों बच्चे भी खेती के कार्य में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और परिवार के साथ मिलकर कृषि से ही अपनी आजीविका चला रहे हैं। जूगेश्वर सिंह के अनुसार, लगभग ढाई एकड़ भूमि में सब्जी उत्पादन से उन्हें सालाना करीब 10 लाख रुपये तक की आमदनी हो जाती है। वे लगातार अन्य किसानों को भी सब्जी उत्पादन अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।
सोनमा गांव के ही किसान राजा कुमार ने बताया कि वे पहले बाहर मजदूरी के लिए जाते थे, लेकिन जूगेश्वर सिंह से प्रेरणा लेकर उन्होंने खेत लीज पर लेकर सब्जी उत्पादन शुरू किया। अब वे अपने परिवार के साथ गांव में ही रहकर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
जूगेश्वर सिंह के पुत्र शशि ने बताया कि उन्होंने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की है और अब सब्जी उत्पादन से जुड़े हुए हैं। इससे उन्हें संतोष भी मिलता है और परिवार का भरण-पोषण भी अच्छे से हो रहा है। उनके छोटे पुत्र अंकित ने कहा कि खेती में अपनी इच्छा से काम करने की आज़ादी है और इससे सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है।
किसान परिवार का कहना है कि ब्रोकली जैसी पोषक सब्जियों की खेती से स्वास्थ्य लाभ भी होता है और इनका बाजार में अच्छा दाम मिलने के कारण बिक्री में भी कोई समस्या नहीं आती। जूगेश्वर सिंह की सफलता आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक मिसाल बन चुकी है।
