उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में इन दिनों भीषण शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कड़ाके की ठंड के कारण लोगों को कंपकंपी वाली सर्दी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह होते ही अधिकांश जिलों में घना कोहरा छा जाता है, जिससे दृश्यता कई स्थानों पर शून्य के करीब पहुंच गई है।
कोहरे और शीतलहर के असर से परिवहन व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। 100 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जबकि कई उड़ानों में भी विलंब हो रहा है। सड़कों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया है और लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं।
मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो अयोध्या, झांसी, अमेठी, सुल्तानपुर, गाजियाबाद, मेरठ समेत करीब 35 जिलों में घना कोहरा दर्ज किया गया। वहीं लखनऊ सहित 33 जिलों में कोल्ड-डे जैसे हालात बने रहे। शुक्रवार सुबह मथुरा में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जबकि गाजियाबाद में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। इसके चलते मथुरा का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस और आगरा का 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सोनभद्र प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया।
भीषण ठंड, शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और 12 जनवरी तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है।
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। बेहद जरूरी होने पर ही घर से निकलने, गर्म कपड़े पहनने और कोहरे में यात्रा करते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
