नरेंद्र मोदी ने आज भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने एक्सपो में लगे विभिन्न स्टॉल का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर अश्विनी वैष्णव और जितिन प्रसाद भी मौजूद रहे।
यह एक्सपो 20 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा और इसके साथ ही AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन भी किया जा रहा है। यह आयोजन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नीति और तकनीक के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ आम नागरिकों तक नई तकनीक के लाभ पहुंचाने का एक बड़ा मंच बनकर उभर रहा है।
AI इम्पैक्ट समिट 2026 की शुरुआत आज से हुई, जो पहली बार है जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर इस स्तर का वैश्विक आयोजन ग्लोबल साउथ में किया जा रहा है। 19 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी समिट का उद्घाटन भाषण देंगे, जिसमें वैश्विक सहयोग और समावेशी तथा जिम्मेदार AI के लिए भारत की सोच को सामने रखा जाएगा।
भारत के विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अहम भूमिका निभाने वाला क्षेत्र माना जा रहा है। AI तकनीक के माध्यम से शासन व्यवस्था को मजबूत करने और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जो विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है।
एक्सपो करीब 10 बड़े सेक्टर में फैला हुआ है और लगभग 70 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है। इसमें दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियां, स्टार्टअप, शिक्षण संस्थान, शोध संस्थान, केंद्र और राज्य सरकारों के विभाग तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदार भाग ले रहे हैं।
इस आयोजन में 13 देशों के पवेलियन भी लगाए गए हैं, जो AI क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दर्शाते हैं। एक्सपो में 300 से अधिक प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव डेमो शामिल किए गए हैं, जिन्हें तीन प्रमुख थीम – पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस – के आधार पर तैयार किया गया है।
इस एक्सपो में 600 से अधिक उभरते हुए स्टार्टअप भाग ले रहे हैं, जिनमें से कई वैश्विक स्तर पर उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित कर रहे हैं। ये स्टार्टअप ऐसे समाधान प्रदर्शित कर रहे हैं जो पहले से वास्तविक जीवन में इस्तेमाल हो रहे हैं और बड़े पैमाने पर समाज को लाभ पहुंचा सकते हैं।
