रायपुर/जगदलपुर: छत्तीसगढ़ में होने वाले बस्तर ओलंपिक 2025 को लेकर तैयारियां ज़ोरों पर हैं. उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने हाल ही में एक बैठक में आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को उत्कृष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. इस बार के ओलंपिक में खास बात यह है कि नक्सल हिंसा से प्रभावित और पुनर्वासित हुए नक्सली भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे, जो खेल के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश देने का एक प्रयास है.
जगदलपुर में 11 से 13 दिसंबर तक संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें जिला स्तर पर जीते हुए लगभग 3000 खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे. इस बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर और अन्य अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बात की.
अरुण साव ने इस अवसर पर कहा कि बस्तर ओलंपिक सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह विकास और खेल का संगम है. यह बस्तर के युवाओं को सशक्त बनाने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने की एक पहल है. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर के युवा खेल, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लें. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिभागियों के लिए आवास, भोजन, परिवहन और सुरक्षा जैसी सभी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से की जाएं, ताकि आयोजन को सफल बनाया जा सके.
विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के युवाओं को खेलों से जोड़कर उनकी ऊर्जा को सही दिशा में ले जाना बहुत ज़रूरी है. उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे ज्यादा से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को इस आयोजन से जोड़ें, ताकि स्थानीय युवाओं को प्रेरणा मिल सके. उन्होंने पिछले बस्तर ओलंपिक के विजेताओं को यूथ आइकॉन बनाकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया.
बस्तर जिले के खेल अधिकारी ऋषिकेश तिवारी ने बताया कि इस बार ओलंपिक के लिए संभाग के 32 विकासखंडों से लगभग 4 लाख प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया था. जिला स्तर पर 10 हजार से अधिक विजेता खिलाड़ी शामिल हुए थे, जिनमें से अब लगभग 3000 खिलाड़ी संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे. इन प्रतियोगिताओं में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच जैसे 11 खेलों में प्रतिभागी अपना कौशल दिखाएंगे.
जगदलपुर के सिटी ग्राउंड, खेलो इंडिया सेंटर और धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में अलग-अलग खेलों के लिए आयोजन स्थल बनाए गए हैं. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के आयोजन से बस्तर के युवाओं को एक मंच मिलेगा और वे अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने ला सकेंगे.
