राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने आज आपदा प्राधिकरण से जुड़े एक कार्यक्रम में भाग लेकर राज्य में चल रहे आपदा प्रबंधन कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि वह आपदा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं पर स्वयं नजर रखेंगे और नियमित रूप से स्थिति की समीक्षा करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि उनका प्रयास केवल निर्देश देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह विभिन्न जिलों का दौरा कर वास्तविक स्थिति को स्वयं समझेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में जहां भी आवश्यक होगा, वहां जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा ताकि लोगों को समय पर राहत और सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि बाढ़ और सूखा जैसी चुनौतियां राज्य के लिए गंभीर विषय हैं और इनसे निपटने के लिए लगातार सतर्क रहना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं, जिससे किसी भी स्थिति में जनता को परेशानी न हो।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रशासनिक तंत्र की तत्परता सबसे महत्वपूर्ण होती है और इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में हर स्तर पर गंभीरता से काम किया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था पर भी उन्होंने विशेष ध्यान देने की बात कही। विश्वविद्यालयों में अध्ययन व्यवस्था, शैक्षणिक सत्र और विद्यार्थियों से जुड़े विषयों पर राज्यपाल ने कहा कि इन मामलों की समीक्षा वह व्यक्तिगत रूप से करेंगे। उनका कहना था कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना और समय पर सभी शैक्षणिक प्रक्रियाएं पूरी कराना प्राथमिकता में रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक बैठकों का उद्देश्य केवल चर्चा नहीं, बल्कि निर्णयों को जमीन पर लागू करना होना चाहिए। इसी सोच के साथ सभी विभागों को सक्रिय रूप से काम करने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने भरोसा जताया कि निरंतर निगरानी और क्षेत्रीय निरीक्षण से राज्य में आपदा प्रबंधन और शिक्षा व्यवस्था दोनों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
