विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की सलाह पर शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को एक विशिष्ट श्रेणी के तहत ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ (मानद विश्वविद्यालय) घोषित किया है। मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस दर्जे के लिए यूजीसी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया गया था, जिसे यूजीसी की विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के बाद आयोग द्वारा अनुमोदित कर दिया गया। इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ ही मंत्रालय ने एनसीईआरटी को शोध कार्यक्रमों के साथ-साथ डॉक्टरेट और नवीन शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि एनसीईआरटी की स्थापना सरकार द्वारा 1961 में एक स्वायत्त संगठन के रूप में की गई थी, जिसका मुख्य कार्य स्कूली शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को नीतियों और कार्यक्रमों पर सलाह देना है। एनसीईआरटी और इसकी घटक इकाइयों के प्रमुख उद्देश्यों में स्कूली शिक्षा से संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देना, मॉडल पाठ्यपुस्तकें, पूरक सामग्री और पत्रिकाओं का प्रकाशन करना शामिल है। अब विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने से यह संस्थान स्वतंत्र रूप से अपनी डिग्री प्रदान कर सकेगा और वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक अनुसंधान के नए मानक स्थापित करेगा।
