पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री तेज कर दी है। मार्च के बाद से अब तक लगभग 6.6 लाख ऐसे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। ये सिलेंडर एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर केवल एक वैध पहचान पत्र दिखाकर काउंटर से सीधे खरीदे जा सकते हैं। 14.2 किलोग्राम वाले सामान्य घरेलू सिलेंडरों के विपरीत इन छोटे सिलेंडरों के लिए पते के प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती और इन्हें बाजार दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देशभर में एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है और अकेले 4 अप्रैल को ही 51 लाख से अधिक सिलेंडर डिलीवर किए गए हैं। वर्तमान में कुल मांग का 95 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से पूरा किया जा रहा है।
पश्चिम एशिया में उभरती स्थितियों को देखते हुए सरकार ने समुद्री संचालन की सुरक्षा और नागरिकों की सहायता के साथ-साथ ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे घबराकर खरीदारी न करें क्योंकि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ लगाने से बचें। साथ ही सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार पर भी जोर दे रही है। मार्च से अब तक लगभग 3.6 लाख घरों को पीएनजी से जोड़ा जा चुका है और 3.9 लाख नए पंजीकरण हुए हैं। नागरिकों को एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक कुकटॉप और इंडक्शन जैसे विकल्पों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
आपूर्ति पक्ष को मजबूत करने के लिए देश की रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार सुरक्षित रखा गया है। घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ राज्यों को मिट्टी के तेल का अतिरिक्त आवंटन भी किया गया है। दूसरी ओर कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जा रही है। प्रवर्तन कार्रवाई के तहत मार्च से अब तक 50 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं और नियमों के उल्लंघन पर 1,400 से ज्यादा कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही 36 डिस्ट्रीब्यूटरशिप को निलंबित कर दिया गया है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दैनिक निरीक्षण करें और भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए निरंतर संवाद बनाए रखें।
