छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने बालोद जिले की कृषि और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दो प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए 6 करोड़ 12 लाख 46 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस वित्तीय आवंटन का मुख्य उद्देश्य जिले के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और पुरानी सिंचाई प्रणालियों का आधुनिकीकरण करना है। स्वीकृत की गई योजनाओं में डौण्डीलोहारा विकासखण्ड की भंवरमरा जलाशय योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसके लिए 2 करोड़ 51 लाख 12 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि से जलाशय के शीर्ष कार्यों सहित नहरों की रिमाडलिंग, लाइनिंग और पांच अन्य पक्के निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
भंवरमरा जलाशय परियोजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा। वर्तमान में इस योजना की 120 हेक्टेयर की निर्धारित सिंचाई क्षमता के विरुद्ध 84.40 हेक्टेयर की जो कमी देखी जा रही थी, उसे अब इन सुधारों के माध्यम से दूर किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, बेहतर जल प्रबंधन और बचत किए गए जल के सदुपयोग से 10.51 हेक्टेयर के नए क्षेत्र को भी सिंचाई के दायरे में लाया जाएगा, जिससे कुल सिंचित क्षेत्र बढ़कर 130.51 हेक्टेयर हो जाएगा। यह पहल स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादकता में सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगी।
इसी क्रम में, जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के अंतर्गत भन्डेरानाला पर एक नए एनीकट के निर्माण के लिए 3 करोड़ 61 लाख 34 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस एनीकट के बन जाने से न केवल कृषि कार्यों को सहारा मिलेगा, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए निस्तारी और पेयजल की समस्या का भी स्थायी समाधान होगा। इसके साथ ही, यह संरचना वर्षा जल को रोकने में मदद करेगी, जिससे क्षेत्र के भू-जल स्तर में संवर्धन होगा और आसपास के कुओं एवं नलकूपों के जल स्तर में सुधार आएगा। यह योजना न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है, बल्कि क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी एक जीवनरेखा साबित होगी।
