बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आने वाला है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कल राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह पटना स्थित लोक भवन में सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा, जहाँ वे बिहार के शीर्ष पद पर आसीन होने वाले भाजपा के पहले नेता बनकर इतिहास रचेंगे। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब श्री चौधरी ने लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इससे पहले एनडीए विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से अपना नेता चुना गया था।
यह राजनीतिक बदलाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद हुआ है, जिन्होंने हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। आज दोपहर पटना स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में विधायक दल की एक अहम बैठक हुई, जिसमें वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा ने विधायक दल के नेता के रूप में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन दिलीप जायसवाल ने किया। इसके पश्चात केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आधिकारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की। तारापुर से विधायक सम्राट चौधरी ने इस नई जिम्मेदारी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाह करेंगे। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने जोर दिया कि यह बिहार की जनता की सेवा करने और उनके सपनों व भरोसे को साकार करने का एक बड़ा अवसर है। गौरतलब है कि 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में भाजपा 89 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है।
