प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का भव्य उद्घाटन किया और देहरादून में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और अब यह अपने 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से राज्य की प्रगति में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर जुड़ गया है जो विशेष रूप से पर्यटन के दृष्टिकोण से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा और उत्तराखंड के समग्र विकास को एक नई गति प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने आधुनिक बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सड़कें, राजमार्ग, एक्सप्रेस-वे, हवाई मार्ग, रेलवे और जलमार्ग किसी भी राष्ट्र की जीवनरेखा होते हैं और पिछले एक दशक में देश ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने के लिए इन्ही जीवनरेखाओं के निर्माण पर निरंतर कार्य कर रहा है।
अगले वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित पक्षों से इस आयोजन को भव्य, पवित्र और स्वच्छ बनाने का आह्वान किया। उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परंपरा को नमन करते हुए उन्होंने 1962 के युद्ध में शहीद हुए राइफलमैन जसवंत सिंह रावत जैसे वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पूर्व सैनिकों के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कल्याणकारी कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘वन रैंक वन पेंशन’ के तहत लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं और पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य योजना के बजट में 36 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए दवाओं की डोरस्टेप डिलीवरी और बच्चों के लिए शैक्षिक अनुदान को दोगुना करने जैसी सुविधाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सशस्त्र बलों को सशक्त बनाना और सैनिकों के परिवारों का सम्मान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समारोह स्थल पर पहुँचने से पहले प्रधानमंत्री ने डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और देहरादून छावनी तक लगभग 12 किलोमीटर लंबा भव्य रोड शो भी किया।
