उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज श्री बद्रीनाथ धाम पहुँचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित ‘बद्रीनाथ मास्टर प्लान’ के तहत हो रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने के पावन अवसर पर धाम पहुँचे मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर, उच्च गुणवत्ता के साथ और पूरी पारदर्शिता से पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि इन विकास कार्यों के कारण श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और उनकी यात्रा सुगम व सुखद बनी रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न अवसंरचनात्मक (Infrastructural) कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनका बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि निर्माण की गति और मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि बद्रीनाथ धाम में विकसित की जा रही सुविधाएं केवल कंक्रीट के ढांचे तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इनका उद्देश्य श्रद्धालुओं को आस्था, स्वच्छता, सुगम्यता और सुरक्षा के साथ एक दिव्य अनुभव प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धाम में आने वाले हर श्रद्धालु को आध्यात्मिक शांति और आधुनिक सुविधाओं का एक बेहतरीन समन्वय देखने को मिले।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड की सरकार देवभूमि की आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य तीर्थयात्रियों के लिए एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो और साथ ही हमारी सांस्कृतिक जड़ों को भी मजबूती दे। इस दौरान उनके साथ राज्यसभा सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहे, जिन्होंने भी विकास कार्यों और यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री का यह दौरा चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन और बद्रीनाथ धाम के कायाकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
