उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर स्थित वानप्रस्थ आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के शुभारंभ कार्यक्रम में सम्मिलित होकर धर्मलाभ लिया। श्री राधा गोविंद सेवा समिति द्वारा आयोजित इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मुख्यमंत्री ने विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ व्यासपीठ का पूजन किया और पूज्य स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस पावन अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने श्रीमद् भागवत पुराण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे सनातन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ बताया। उन्होंने कहा कि यह दिव्य ग्रंथ भक्ति, भक्त और भगवान के मिलन का मार्ग प्रशस्त करता है और मानव जीवन को सदाचार, निष्ठा और धर्म के मार्ग पर चलने के लिए निरंतर प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सनातन संस्कृति के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों और पौराणिक धरोहरों के पुनर्निर्माण व सौंदर्यीकरण के लिए बड़े पैमाने पर प्रभावी पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य सनातन संस्कृति का संरक्षण और उसे वैश्विक पटल पर बढ़ावा देना है। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज जी, यमकेश्वर की विधायक श्रीमती रेनू बिष्ट और अन्य गणमान्य अतिथिगण व श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया और क्षेत्र के लोगों में इसे लेकर विशेष उत्साह देखा गया।
