उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सीमांत क्षेत्र स्थित ‘माना’ गांव का दौरा किया और वहां चल रही विकास गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज सीमावर्ती क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। प्रधानमंत्री के प्रयासों के चलते ही जो गांव कभी उपेक्षित और ‘अंतिम गांव’ कहे जाते थे, आज उन्हें नई पहचान मिली है और वे देश के ‘प्रथम गांव’ के रूप में गौरवान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना ने सीमावर्ती गांवों के चहुंमुखी विकास को एक नई गति और दिशा प्रदान की है, जिससे इन क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न केवल विकास कार्यों का निरीक्षण किया, बल्कि वहां पहुंचे देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों के साथ संवाद भी किया और उनकी यात्रा के अनुभवों के बारे में जानकारी ली। पर्यटकों ने माना गांव में हुए बदलाव और वहां मिल रही सुविधाओं पर प्रसन्नता जाहिर की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों और विशेष रूप से वहां की महिलाओं के साथ संवाद स्थापित किया। इस भावुक और आत्मीय पलों के दौरान, स्थानीय महिलाओं ने भगवान बद्री विशाल के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए पारंपरिक लोक गीतों की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने इन लोक गीतों का आनंद लिया और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के लिए महिलाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और भविष्य में भी इन क्षेत्रों में पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
