डिप्रेशन से उबरने के बाद भी कई लोगों को याददाश्त की कमजोरी, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और मानसिक सुस्ती यानी ‘ब्रेन फॉग’ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब राहत भरी खबर सामने आई है कि क्रोनिक कब्ज के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक प्रिस्क्रिप्शन दवा इन बचे हुए संज्ञानात्मक (cognitive) लक्षणों को सुधारने में मदद कर सकती है। यूनिवर्सिटी ऑफ़ बर्मिंघम की डॉ. अंगहारद डी केट्स और यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन के परिणाम ‘साइकोलॉजिकल मेडिसिन’ में प्रकाशित हुए हैं।
शोधकर्ताओं ने ‘प्रुकालोप्राइड’ (prucalopride) नामक दवा का अध्ययन किया, जो आंत और मस्तिष्क दोनों में पाए जाने वाले एक विशेष सेरोटोनिन रिसेप्टर (5-HT4 R) को सक्रिय करके काम करती है। इस क्लिनिकल ट्रायल में डिप्रेशन के इतिहास वाले 50 वयस्क शामिल किए गए थे, जो कम से कम छह महीने पहले ठीक हो चुके थे और उस समय कोई दवा नहीं ले रहे थे। इन प्रतिभागियों को या तो 2mg प्रुकालोप्राइड या प्लेसिबो 7 से 10 दिनों के लिए दिया गया।
इलाज से पहले और बाद में प्रतिभागियों की याददाश्त, ध्यान और सोचने की गति का परीक्षण किया गया। जिन लोगों ने प्रुकालोप्राइड दवा ली थी, उन्होंने प्लेसिबो समूह के मुकाबले संज्ञानात्मक परीक्षणों में अधिक सटीकता और तेजी के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। सबसे अच्छी बात यह रही कि इस छोटे से इलाज के दौरान किसी भी तरह के गंभीर दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिले। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह शुरुआती साक्ष्य भविष्य में डिप्रेशन के कारण होने वाली मानसिक समस्याओं के नए और प्रभावी इलाज की राह खोल सकता है।
Research by University of Birmingham.
