प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की दशक भर की सफलता की सराहना करते हुए इसे भारत की डिजिटल भुगतान यात्रा में एक बड़ा परिवर्तनकारी पड़ाव बताया है। सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से UPI से जुड़े अपने अनुभव साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि UPI का व्यापक स्तर और पहुंच प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है।
वर्ष 2016 में आज ही के दिन शुरू हुआ UPI भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बदलने के 10 वर्ष पूरे कर चुका है। अपनी असाधारण पहुंच, विश्वसनीयता और बड़े पैमाने पर लेनदेन के कारण UPI को वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिली है। वर्तमान में यह प्रणाली 11 देशों में संचालित हो रही है।
UPI भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के सबसे सफल स्तंभों में से एक बनकर उभरा है। यह एक इंटरऑपरेबल और रियल-टाइम भुगतान प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है। पिछले एक दशक में UPI के लेनदेन की मात्रा में करीब 13 हजार गुना वृद्धि हुई है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2016-17 में UPI के जरिए केवल 1.78 करोड़ लेनदेन हुए थे, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 24,162 करोड़ से अधिक हो गए। इसी अवधि में लेनदेन का मूल्य भी 7 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
UPI ने डिजिटल खाई को कम करने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और डिजिटल वित्तीय सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके माध्यम से देशभर में लोगों और समुदायों को सशक्त बनाने के साथ आर्थिक गतिविधियों में व्यापक भागीदारी को भी बढ़ावा मिला है।
