नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वास्थ्य सेवा को आधुनिक तकनीक के साथ एकीकृत करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे शहरों का विस्तार हो रहा है, देश के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का भी उसी के अनुसार विस्तार होना चाहिए। उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक प्रयोगशाला सुविधा का उद्घाटन करने के बाद रक्षा मंत्री ने यह बात कही।
श्री सिंह ने कहा कि पिछले बारह वर्षों में देश ने चिकित्सा सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार देखा है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और सक्षम भारत का निर्माण एक विकसित भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि स्वास्थ्य सेवा का उद्देश्य केवल बीमारियों का इलाज करना तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य प्रणाली का मुख्य ध्यान रोकथाम (prevention), शुरुआती पहचान (early detection), जोखिम आकलन और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवा (personalised healthcare) पर होना चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज डायग्नोस्टिक मेडिसिन में भी उल्लेखनीय बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), उन्नत मेडिकल इमेजिंग, आणविक निदान (molecular diagnostics), जीनोमिक्स, डिजिटल पैथोलॉजी और डेटा-संचालित स्वास्थ्य सेवा बीमारियों के निदान और प्रबंधन के तरीके को पूरी तरह से बदल रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (Armed Forces Medical Services) में भी नई तकनीकें शामिल कर रही है।
