नई दिल्ली में आयोजित पहली अखिल भारतीय मीडिया कॉन्फ्रेंस-2026 के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए। सम्मेलन में चुनावी पारदर्शिता, मीडिया की भूमिका और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने पर चर्चा की गई। फोटो साभार: Election Commission of India (ECI) / X (पूर्व में Twitter)
निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने शुक्रवार को नई दिल्ली में “हितधारकों को जोड़ना, लोकतंत्र को मजबूत करना: चुनावों में मीडिया की भूमिका” विषय पर पहली अखिल भारतीय मीडिया कॉन्फ्रेंस-2026 का आयोजन किया। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 380 से अधिक मीडिया पेशेवरों ने भाग लेकर चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत में चुनाव संविधान, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की समवर्ती निगरानी और ऑडिट की व्यवस्था भारतीय लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाती है।
समवर्ती ऑडिट से मजबूत होती है चुनावी प्रक्रिया
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि देश की लगभग 95 करोड़ मतदाताओं वाली मतदाता सूची एक जीवंत दस्तावेज है, जिसे लगातार अद्यतन किया जाता है। उन्होंने कहा कि 12 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और 15 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) चुनावी प्रक्रिया में समवर्ती लेखा परीक्षक की भूमिका निभाते हैं, जिससे पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।
मतदाताओं का विश्वास लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत यह दर्शाता है कि देश के मतदाताओं का चुनावी व्यवस्था पर गहरा विश्वास है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए मतदाताओं का आभार भी व्यक्त किया।
मीडिया को चुनावी व्यवस्था की दी गई विस्तृत जानकारी
सम्मेलन के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को संविधान, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 एवं 1951, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश, ईसीआईएनईटी मंच, चुनावों में प्रौद्योगिकी के उपयोग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।
बीएलए, पोलिंग एजेंट और काउंटिंग एजेंट की भूमिका पर चर्चा
निर्वाचन आयोग ने प्रतिभागियों को बूथ लेवल एजेंट, पोलिंग एजेंट और काउंटिंग एजेंट की जिम्मेदारियों से अवगत कराया। आयोग ने बताया कि ये सभी चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने, राजनीतिक दलों की सहभागिता बढ़ाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मतदान और मतगणना प्रक्रिया का हुआ व्यावहारिक प्रदर्शन
सम्मेलन में मीडिया प्रतिनिधियों को समूहों में विभाजित कर मतदाता सूची तैयार करने, मतदान कराने और मतगणना की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया गया। साथ ही चुनावी प्रक्रिया में उपयोग होने वाले विभिन्न वैधानिक प्रपत्रों की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम के समापन पर मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने चुनावी व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न रखे।
