विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में संशोधन के उद्देश्य से लाए गए विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को व्यापक जांच और विचार-विमर्श के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया गया है। संसद के दोनों सदनों ने इस आशय के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य विदेशी अंशदान (विदेशी फंडिंग) के उपयोग को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुव्यवस्थित बनाना है।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में विधेयक को दोनों सदनों के सदस्यों वाली संयुक्त समिति के पास भेजने का प्रस्ताव पेश किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
जेपीसी का स्वरूप और समय-सीमा
- कुल सदस्य: समिति में कुल 31 सदस्य होंगे।
- लोकसभा से: अध्यक्ष (स्पीकर) द्वारा मनोनीत 21 सदस्य।
- राज्यसभा से: सभापति द्वारा मनोनीत 10 सदस्य।
राज्यसभा ने भी अपनी ओर से 10 सदस्यों को इस संयुक्त समिति में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह समिति व्यापक हितधारकों और विशेषज्ञों से परामर्श करने के बाद आगामी शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट लोकसभा को सौंपेगी।
