डीजल और ATF के निर्यात पर बढ़ी ड्यूटी, पेट्रोल पर हुई कटौती
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाली विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Special Additional Excise Duty) में संशोधन किया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार नई दरें आज से लागू हो गई हैं।
संशोधित दरों के तहत डीजल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 15.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर यह शुल्क बढ़ाकर 14.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। दूसरी ओर पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क घटाकर 2.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
हालांकि, देश में उपभोग के लिए बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी इस फैसले का घरेलू ईंधन कीमतों पर तत्काल कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
क्यों किया गया था यह प्रावधान?
केंद्र सरकार ने 27 मार्च 2026 से पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू किया था। इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन के अत्यधिक निर्यात को हतोत्साहित करना और देश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना था।
हर 15 दिन में होती है समीक्षा
सरकार इन शुल्क दरों की हर पखवाड़े (15 दिन) समीक्षा करती है। पिछला संशोधन 1 जुलाई से प्रभावी हुआ था। नई दरें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत कीमतों के आधार पर तय की जाती हैं।
