वैश्विक अस्थिरता और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की कमजोरी देखने को मिली। हालांकि दोनों कीमती धातुएं अभी सीमित दायरे में कारोबार करती नजर आ रही हैं। निवेशक फिलहाल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और संभावित युद्धविराम समझौते पर नजर बनाए हुए हैं, जिसके कारण बाजार में सतर्कता बनी हुई है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सोने का 5 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,60,903 रुपए के मुकाबले 449 रुपए की गिरावट के साथ 1,60,454 रुपए पर खुला। सुबह करीब 10:15 बजे सोना मामूली कमजोरी के साथ 1,60,622 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार के दौरान सोने ने 1,60,197 रुपए का निचला स्तर और 1,60,962 रुपए का उच्च स्तर छुआ। वहीं चांदी के 3 जुलाई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में भी कमजोरी दर्ज की गई। यह पिछली क्लोजिंग 2,69,537 रुपए के मुकाबले 1,169 रुपए टूटकर 2,68,368 रुपए पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,68,018 रुपए का न्यूनतम और 2,69,400 रुपए का अधिकतम स्तर दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालांकि सोने और चांदी में हल्की तेजी देखने को मिली। कॉमेक्स पर सोना 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,540 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 0.25 प्रतिशत की मजबूती के साथ 76 डॉलर प्रति औंस पर थी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान 60 दिन के युद्धविराम समझौते के मसौदे पर सहमत हो गए हैं, हालांकि अंतिम मंजूरी अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलना बाकी है। माना जा रहा है कि इस समझौते के जरिए परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर औपचारिक वार्ता का रास्ता खुल सकता है।
