केंद्र सरकार ने गेहूं से बने कई उत्पादों की निर्यात नीति में बदलाव करते हुए उन्हें प्रतिबंधित श्रेणी से हटाकर मुक्त श्रेणी में डाल दिया है। यह जानकारी विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी एक अधिसूचना में दी गई है।
संशोधित नीति के तहत अब गेहूं या मेस्लिन आटा, मैदा, सूजी, होलमील आटा और मिश्रित गेहूं के आटे के निर्यात की अनुमति बिना किसी प्रतिबंध के होगी। गौरतलब है कि घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए सरकार ने 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति में आए व्यवधान के बीच इन पर प्रतिबंध लगाए थे।
सरकार का यह निर्णय बेहतर स्टॉक उपलब्धता और देश में खाद्यान्न के बढ़े हुए उत्पादन को देखते हुए आया है। मई में जारी आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में भारत का कुल खाद्यान्न उत्पादन 5.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 37.65 करोड़ टन हो गया है, जिसमें गेहूं का उत्पादन भी बढ़कर 12.06 करोड़ टन होने का अनुमान है।
