पश्चिम एशिया में जारी मौजूदा संकट और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) की आपूर्ति पूरी तरह से स्थिर बनी हुई है और किसी भी वितरक केंद्र (डिस्ट्रिब्यूटरशिप) से गैस की कमी की कोई सूचना नहीं मिली है। नई दिल्ली में आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सरकार आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है, जिसमें घरेलू एलपीजी उत्पादन को बढ़ाना और शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बुकिंग अवधि का विस्तार शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि एलपीजी की डायवर्जन को रोकने के लिए लागू किए गए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) का उपयोग 92 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो सरकार के 90 प्रतिशत के लक्ष्य से अधिक है। इसके अलावा, वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति भी 70 प्रतिशत तक बहाल कर दी गई है और 5 किलोग्राम के सिलेंडरों की बिक्री में भी इजाफा देखा गया है, जिसके लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर, पोत परिवहन मंत्रालय के निदेशक मंदीप सिंह रंधावा ने जानकारी दी कि भारतीय ध्वज वाला कच्चे तेल का टैंकर ‘देशगरिमा’, जिसमें 97 हजार मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल लदा था, 18 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले 48 घंटों के दौरान दो भारतीय जहाजों, वीएलसीसी सनमार हेराल्ड और बल्क कैरियर जग अर्नव को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय और फारस की खाड़ी में लौटते समय गोलीबारी की घटनाओं का सामना करना पड़ा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी चालक दल के सदस्य को कोई चोट नहीं आई है और मंत्रालय चालक दल के साथ निरंतर संपर्क में है तथा स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
विदेश मंत्रालय की स्थिति पर बात करते हुए अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने कहा कि मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहा है और सरकार का मुख्य ध्यान वहां भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय का समर्पित कंट्रोल रूम सक्रिय है और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय करके समय पर सहायता प्रदान कर रहा है। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने हाल ही में सऊदी अरब का दौरा किया और वहां अपने समकक्षों, ऊर्जा मंत्री और विदेश मंत्री के साथ मुलाकात कर क्षेत्रीय स्थिति तथा द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तार से चर्चा की।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित शुक्ला ने देश भर में प्रमुख ग्रामीण कल्याण और बुनियादी ढांचा कार्यक्रमों के निर्बाध कार्यान्वयन के बारे में आश्वस्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद सरकार का प्राथमिक ध्यान ग्रामीण रोजगार, समय पर निधि प्रवाह, आवास निर्माण और आजीविका सुरक्षा पर है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) 2005, प्रस्तावित वीबी-जी आरएएम जी अधिनियम 2025 के प्रभावी होने तक पूरी तरह से परिचालन में रहेगा, और ग्रामीण परिवारों को मजदूरी रोजगार प्रदान करने में कोई बाधा नहीं आएगी।
