भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। चार वर्षों के अंतराल के बाद भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग (जॉइंट कमीशन) की बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक की सह-अध्यक्षता करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लंबे अंतराल के बाद हो रही यह बैठक दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने का अवसर प्रदान करती है।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया ने पिछले वर्ष अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया था। यह उपलब्धि दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि बैठक में राजनीतिक सहयोग, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री क्षेत्र में साझेदारी, व्यापार एवं निवेश, स्वास्थ्य सेवाएं, औषधि उद्योग, खाद्य सुरक्षा, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों की पहचान की जाएगी और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण देश हैं और क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास तथा समुद्री सुरक्षा के लिए उनका सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त आयोग की यह बैठक भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति प्रदान करेगी। दोनों देशों के बीच बढ़ता आर्थिक और सुरक्षा सहयोग न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगा।
