केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की है कि भारत ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 860 अरब अमेरिकी डॉलर का रिकॉर्ड निर्यात हासिल कर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद मिली यह सफलता देश के लचीलेपन और वैश्विक व्यापारिक क्षेत्र में बढ़ती ताकत को प्रदर्शित करती है। श्री गोयल के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपन्न हुए नौ व्यापार समझौतों ने इस गति को और तेज किया है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के लिए नए बाजार और बड़े अवसर खुले हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और निवेश अनुकूल माहौल बनाने के सरकारी प्रयास भविष्य में भी विकास को ऊर्जा देते रहेंगे और ‘विकसित भारत’ की ओर देश की यात्रा को और मजबूत करेंगे।
इसी बीच एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल मिंडा ने भी इस उपलब्धि का स्वागत करते हुए इसे गंभीर वैश्विक मंदी के बीच भारत की मजबूत स्थिति का प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और विशेष रूप से सेवा क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन ने वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को सिद्ध किया है। श्री मिंडा ने इस सफलता का श्रेय प्रभावी नीतिगत समर्थन और उद्योग जगत के सामूहिक प्रयासों को दिया, जिससे भारत के निर्यात पथ के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि वैश्विक बाजारों में बढ़ती पैठ और बेहतर नीतियों के दम पर वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में भारत का निर्यात एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को भी पार कर जाएगा।
