केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज वर्ष 2025-26 के लिए प्रमुख कृषि फसलों के उत्पादन के तीसरे अग्रिम अनुमान जारी किए। इन आंकड़ों के अनुसार देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन 376 मिलियन टन से अधिक रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के लगभग 357 मिलियन टन उत्पादन की तुलना में करीब 18 मिलियन टन अधिक है। यह देश के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक खाद्यान्न उत्पादन माना जा रहा है।
तीसरे अग्रिम अनुमान जारी करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए काम कर रही है, जिसका सकारात्मक परिणाम अब रिकॉर्ड कृषि उत्पादन के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और किसानों के प्रयासों से कृषि क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि तीसरे अग्रिम अनुमानों से यह स्पष्ट होता है कि देश में खाद्यान्न, प्रमुख अनाज, तिलहन और व्यावसायिक फसलों का उत्पादन मजबूत स्थिति में है। कई फसलों के उत्पादन में इस वर्ष नया रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई गई है। उन्होंने कहा कि बेहतर बीज, उन्नत खेती तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के कारण कृषि उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है।
केंद्रीय मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद यानी आईसीएआर और उससे जुड़े संस्थानों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान और नई तकनीकों के विकास ने प्रमुख फसलों के उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और आधुनिक बनाना है, ताकि देश खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में और अधिक मजबूत हो सके।
