स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर तेजी से बढ़ते कदम
भारत के स्वच्छ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर बढ़ते कदम आज देश की विकास यात्रा में एक नया अध्याय लिख रहे हैं। पिछले एक दशक में सौर ऊर्जा महज एक वैकल्पिक स्रोत से बढ़कर भारत के नवीकरणीय ऊर्जा परिदृश्य का सबसे मुख्य स्तंभ बन चुकी है। यह अभूतपूर्व बदलाव निरंतर नीतिगत समर्थन, मजबूत बुनियादी ढांचे, तकनीकी नवाचार और व्यापक जनभागीदारी का प्रत्यक्ष परिणाम है।
प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY): ऊर्जा क्रांति में एक नया अध्याय
हाल ही में स्वीकृत प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना इस दिशा में एक बड़ा कदम साबित होने जा रही है:
- कुल बजट: ₹5,070 करोड़
- क्षमता लक्ष्य: 5,000 मेगावाट (MW) फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक (Floating Solar PV) परियोजनाएं।
- विशेषता: जलाशयों और अंतर्देशीय जल निकायों का उपयोग, जिससे सीमित भूमि संसाधनों पर दबाव कम होगा।
- पर्यावरणीय एवं आर्थिक प्रभाव:
- प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ टन CO₂ उत्सर्जन में कमी।
- 16,000 से 17,000 नए पूर्णकालिक नौकरियों का सृजन।
एक दशक की अभूतपूर्व वृद्धि: क्षमता में 50 गुना से अधिक का उछाल
| समय सीमा / संकेतक | स्थापित सौर क्षमता / विवरण |
| वर्ष 2014 | लगभग 3 गीगावाट (GW) |
| 30 जून 2026 तक | 162.15 गीगावाट (GW) |
| वित्त वर्ष 2025-26 में नई वृद्धि | 44.61 गीगावाट (पिछली वार्षिक वृद्धि से दोगुनी) |
| कुल गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता | 283.46 गीगावाट (GW) |
मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर: सोलर पार्क और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर
भारत की सौर रणनीति केवल संयंत्र लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक मजबूत ढांचा तैयार करने पर केंद्रित है:
- सोलर पार्क योजना: फरवरी 2026 तक देश भर में 54 सोलर पार्कों को मंजूरी (कुल क्षमता: 39,188 मेगावाट)।
- प्रमुख मिसालें: राजस्थान का भड़ला, कर्नाटक का पावगड़ा और मध्य प्रदेश का रीवा सोलर पार्क विश्व स्तर पर पहचान बना चुके हैं।
- सस्ती सौर बिजली: पारदर्शी नीलामी और प्रतिस्पर्धा के चलते सौर ऊर्जा की दरें 2017 में ₹2.44 प्रति यूनिट के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंचीं, जिसने इसे आर्थिक रूप से बेहद प्रतिस्पर्धी बना दिया।
आत्मनिर्भर भारत: मेक इन इंडिया और जन-जन तक पहुंच
- घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा: PLI (उत्पादन आधारित प्रोत्साहन) योजना और ALMM व्यवस्था के जरिए भारत में ही उच्च दक्षता वाले सोलर मॉड्यूल का निर्माण हो रहा है, जिससे आयात पर निर्भरता कम हुई है।
- आम नागरिकों की भागीदारी:
- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: छतों पर रूफटॉप सोलर लगाकर आम घरों को ऊर्जा-उत्पादक बना रही है।
- पीएम-कुसुम योजना: किसानों को सौर पंप और सोलर फीडर देकर कृषि क्षेत्र को ऊर्जा-आत्मनिर्भर बना रही है।
पंचामृत लक्ष्य और नेट-जीरो 2070 का संकल्प
भारत ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक मंच पर बड़े संकल्प लिए हैं:
- 2030 का लक्ष्य: 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता।
- 2070 का लक्ष्य: ‘नेट-जीरो’ (Net-Zero) उत्सर्जन।
- मिशन LiFE: व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर जिम्मेदार उपभोग को बढ़ावा देना।
