भारत परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाने की तैयारी कर रहा है। परमाणु ऊर्जा विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2033 तक कम से कम पांच स्वदेशी स्मॉल मॉड्युलर न्यूक्लियर रिएक्टर्स (SMRs) को परिचालन में लाना है।
लोकसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान मंत्री ने जानकारी दी कि संसद ने शांति अधिनियम, 2025 (SHANTI Act, 2025) पारित कर दिया है, जिससे अब परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी (Private Participation) के रास्ते खुल गए हैं।
नए रिएक्टर्स का विकास:
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) वर्तमान में विभिन्न क्षमता वाले अत्याधुनिक रिएक्टर्स का विकास कर रहा है:
- 220 मेगावाट क्षमता का ‘भारत स्मॉल मॉड्युलर रिएक्टर’
- 55 मेगावाट क्षमता का एक अन्य स्मॉल रिएक्टर
- हाइड्रोजन उत्पादन के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया हाई-टम्परेचर गैस-कूल्ड रिएक्टर
2047 तक 100 गीगावाट का लक्ष्य
सरकार ने ‘परमाणु ऊर्जा मिशन’ (Nuclear Energy Mission) के तहत वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है।
परमाणु ऊर्जा क्षमता में बढ़ोत्तरी: वर्तमान में देश की कुल परमाणु ऊर्जा क्षमता 8.78 गीगावाट है। सरकार के रोडमैप के अनुसार, निर्माणाधीन और विभिन्न चरणों में जारी परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से 2031-32 तक यह क्षमता बढ़कर लगभग 22 गीगावाट होने की उम्मीद है।
यह कदम भारत को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
