भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी आज देशभर में धार्मिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं तथा मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय मिठाइयों और विभिन्न व्यंजनों का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया जा रहा है। मंदिरों और घरों में दिनभर भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है।
भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी के भव्य आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। शहर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप तथा गोकुल-वृंदावन की लीलाओं से जुड़े दृश्य सजावट के माध्यम से प्रदर्शित किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मथुरा में जन्माष्टमी समारोह में शामिल होंगे। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जन्माष्टमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और उनकी शिक्षाएं भारत की सांस्कृतिक एवं दार्शनिक विरासत में नई ऊर्जा का संचार करती हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में निहित श्रीकृष्ण की शिक्षाएं कठिन परिस्थितियों में विवेकपूर्ण निर्णय लेने और नैतिक मूल्यों पर दृढ़ रहने के लिए मानवता को सदैव प्रेरित करती रहेंगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि जन्माष्टमी सभी को सद्भाव, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना को बनाए रखने की प्रेरणा देती है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत सहित दुनियाभर में भगवान श्रीकृष्ण के असंख्य भक्तों की उनके प्रति श्रद्धा और प्रेम असीम है। श्री बिरला ने कहा कि भगवद्गीता का गहन ज्ञान कर्तव्य, नैतिकता, न्याय, विवेक, साहस और जीवन में संतुलन के संबंध में आज भी मानवता को कालजयी मार्गदर्शन प्रदान करता है।
