भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सातवें संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘दस्तलिक 2026’ का आयोजन उज्बेकिस्तान के नमंगन क्षेत्र में स्थित गुरुमसराय फील्ड ट्रेनिंग एरिया में पूरी सक्रियता के साथ किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारत और उज्बेकिस्तान की सेनाओं के बीच अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में युद्ध कौशल और परिचालन क्षमता को और अधिक उन्नत करना है। इस अभ्यास में विशेष रूप से अवैध हथियारबंद समूहों के खिलाफ रणनीतिक अभियानों, विशेष हथियारों के संचालन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सैन्य कार्रवाई पर गहन ध्यान केंद्रित किया गया है।
अभ्यास के वर्तमान चरण के दौरान, दोनों देशों के सैनिकों ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को समझने, विभिन्न सैन्य तकनीकों और प्रक्रियाओं के व्यावहारिक अभ्यास, एम्बिडेक्सट्रस पिस्टल फायरिंग, यूएवी (ड्रोन) के सटीक उपयोग और युद्ध की तैयारी जैसी कई महत्वपूर्ण गतिविधियों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। रक्षा मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में यह अभ्यास और अधिक जटिल सैन्य मिशनों की ओर आगे बढ़ेगा, जिससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय और अंतर-संचालनीयता (इंटरऑपरेबिलिटी) में और अधिक गहरा तालमेल स्थापित होगा। यह सैन्य अभ्यास 25 अप्रैल को अपने समापन की ओर बढ़ेगा, जो न केवल दोनों देशों के सैनिकों के बीच अनुभव साझा करने का माध्यम बनेगा, बल्कि यह भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
