फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच ऐतिहासिक विला केरीलोस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की महत्वपूर्ण वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने भारत और फ्रांस के बीच विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। वार्ता के दौरान रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार, नवाचार और भविष्य की रणनीतिक साझेदारी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने विला केरीलोस परिसर में ‘वॉक एंड टॉक’ सत्र के दौरान भी अनौपचारिक चर्चा की।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने नीस स्थित पैलेस दे एक्सपोजिशन में ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन भारत के तेजी से बढ़ते नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स, नवोन्मेषकों, शोधकर्ताओं और निवेशकों को वैश्विक नवाचार फंड और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इस आयोजन में भारत के 120 से अधिक उभरते स्टार्टअप्स और 20 से ज्यादा उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों की भागीदारी है। ये संस्थान और स्टार्टअप्स 13 महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में अपने नवाचारों का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में दुनिया भर से 350 से अधिक प्रमुख निवेशक और वेंचर कैपिटलिस्ट भी शामिल हुए हैं।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ भारत की प्रतिभा और यूरोपीय पूंजी के बीच एक मजबूत पुल के रूप में उभर रहा है। इससे युवा नवोन्मेषकों को वैश्विक विशेषज्ञता और निवेश से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत के युवा आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और रक्षा नवाचार जैसे क्षेत्रों में वैश्विक चुनौतियों के समाधान विकसित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में आज दो लाख से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं और देश ‘टेक्नोलॉजी फॉर ह्यूमैनिटी’ के सिद्धांत पर आधारित मानव-केंद्रित नवाचार मॉडल को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने भारत-फ्रांस संबंधों को आपसी विश्वास, साझा मूल्यों और भविष्य की समान दृष्टि पर आधारित एक मजबूत साझेदारी बताया।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत को वैश्विक नवाचार शक्ति के रूप में सराहते हुए कहा कि अब सवाल यह नहीं है कि भारत नवाचार कर रहा है या नहीं, बल्कि यह है कि दुनिया भारत के साथ मिलकर नवाचार कैसे करेगी। उन्होंने भारत की विशाल इंजीनियरिंग प्रतिभा और चंद्रयान मिशन जैसी उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए इसे भारत की तकनीकी उत्कृष्टता का प्रमाण बताया।
मैक्रों ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ भारत के नवाचार तंत्र और फ्रांस के विकसित तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि भारत के बाहर इस पहल के पहले संस्करण की मेजबानी करना फ्रांस के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को स्वतंत्र भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर भी बधाई दी।
कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद, इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति और कई प्रमुख उद्योगपति एवं कारोबारी नेता मौजूद रहे।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक और तकनीकी परिवर्तनों के दौर में भारत एक विश्वसनीय और भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में 2.3 लाख से अधिक स्टार्टअप्स विकसित हुए हैं और देश का नवाचार तंत्र लगातार मजबूत हो रहा है।
गोयल ने फ्रांसीसी उद्योग जगत को भारत में निवेश, डिजाइन, नवाचार और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ाने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस ने अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया है, जिसमें नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जो इस पहल को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा वहां मौजूद स्टार्टअप संस्थापकों, शोधकर्ताओं और निवेशकों से बातचीत कर उनके नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। यह आयोजन भारत और फ्रांस के बीच तकनीकी, आर्थिक और नवाचार सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
