प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान को 1.05 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, परिवहन और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।
अपने एक दिवसीय राजस्थान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने जोधपुर हवाई अड्डा के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने बालोतरा जिले के पचपदरा में देश के सबसे आधुनिक ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने रिफाइनरी के अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों से बातचीत की तथा फ्यूल टैंकरों को हरी झंडी दिखाई। साथ ही जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला भी वर्चुअली रखी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण 21वीं सदी का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट उत्पन्न हुआ, लेकिन भारत ने समय पर लिए गए निर्णयों, प्रभावी कूटनीति और संसाधनों के कुशल प्रबंधन से इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया। उन्होंने कहा कि जब कई देश ईंधन संकट से जूझ रहे थे, तब भारत ने सटीक रणनीति और मजबूत कूटनीतिक संबंधों के जरिए अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के विश्व के अनेक देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों ने संकट के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत पहले जहां 25-26 देशों से ऊर्जा आयात करता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 40 देशों तक पहुंच गई है। इससे वैश्विक बाधाओं के बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति निर्बाध बनी रही।
उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी रिफाइनिंग क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है और आज देश दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग राष्ट्र बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद सरकार ने घरेलू एलपीजी कीमतों को नियंत्रित रखा। उन्होंने बताया कि संकट के दौरान एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2,000 रुपये तक पहुंच सकती थी, लेकिन सरकार के प्रभावी हस्तक्षेप से उपभोक्ताओं को यह करीब 950 रुपये में उपलब्ध कराया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच पेट्रोल और डीजल पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को लगभग 75,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसका भार सरकार ने उठाया ताकि आम नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों का असर कम महसूस हो।
उन्होंने पश्चिम एशिया और यूक्रेन संघर्ष के कारण वैश्विक उर्वरक संकट का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई देशों में यूरिया की कीमत 3,000 रुपये प्रति बैग तक पहुंच गई, लेकिन सरकार ने भारतीय किसानों को करीब 300 रुपये प्रति बैग पर यूरिया उपलब्ध कराया।
पचपदरा रिफाइनरी को प्रधानमंत्री ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में निवेश और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन मारवाड़ क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार को मजबूती देगा। वहीं जोधपुर से संशोधित उड़ान योजना की शुरुआत छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र की जल समस्या के समाधान का लंबा इंतजार अब समाप्ति की ओर है। प्रधानमंत्री ने नई परियोजनाओं के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी और कहा कि वर्तमान सरकार ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ हर क्षेत्र और हर नागरिक के विकास के लिए काम कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में चयनित लगभग 54,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।
