सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने भारतीय अर्थव्यवस्था में ज्ञान (Knowledge) और ज्ञान-आधारित उत्पादों (Knowledge Products) के योगदान को सटीक रूप से मापने के लिए एक नई रूपरेखा तैयार की है। मंत्रालय ने इस विषय पर तैयार किए गए अपने ‘बेस पेपर’ (आधार पत्र) पर देश के सभी हितधारकों, विशेषज्ञों और आम जनता से प्रतिक्रियाएं, विचार और सुझाव आमंत्रित किए हैं। मंत्रालय का कहना है कि यह परामर्श प्रक्रिया इस फ्रेमवर्क को अधिक व्यावहारिक और मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई है।
यह अपने आप में एक बेहद अनोखी और नई पहल है, जिसके जरिए भारत की जीडीपी और आर्थिक प्रगति में ज्ञान-आधारित क्षेत्रों के वास्तविक योगदान का मूल्यांकन किया जा सकेगा। इस काम को समय पर और सही ढंग से पूरा करने के लिए मंत्रालय ने देश के बुद्धिजीवियों, आर्थिक विशेषज्ञों और आम नागरिकों को इस प्रक्रिया का हिस्सा बनने का आग्रह किया है।
इस पहल और सुझाव प्रक्रिया के मुख्य बिंदु:
- अनोखी और नई पहल: मंत्रालय के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था में ‘ज्ञान और ज्ञान उत्पादों’ के योगदान को मापने के लिए एक ठोस फ्रेमवर्क तैयार करने की दिशा में यह देश का पहला और बेहद नया प्रयास है।
- विशेषज्ञों की भागीदारी जरूरी: इस जटिल फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने के लिए सांख्यिकी मंत्रालय को इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और संबंधित हितधारकों के सक्रिय सहयोग और मार्गदर्शन की आवश्यकता है।
- सुझाव भेजने की अंतिम तिथि: इस परामर्श पत्र (Base Paper) पर अपने विचार और फीडबैक भेजने की अंतिम तारीख 15 जून 2026 तय की गई है।
- यहाँ भेजें अपने सुझाव: आम जनता और विशेषज्ञ अपने बहुमूल्य सुझाव मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक ईमेल आईडी
maneesh.jindal@mospi.gov.inऔरneeraj.kumar007@nic.inपर सीधे ईमेल के जरिए भेज सकते हैं। - जल्द लागू होगा फ्रेमवर्क: समय सीमा के भीतर प्राप्त होने वाले सभी महत्वपूर्ण सुझावों और प्रतिक्रियाओं की समीक्षा की जाएगी, जिससे इस नए फ्रेमवर्क को जल्द से जल्द अंतिम रूप देकर लागू किया जा सके।
