बेंगलुरु: भारत ने अपनी डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को बेंगलुरु के जक्कूर स्थित रीजनल रेफरेंस स्टैंडर्ड्स लेबोरेटरी (RRSL) में एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहाँ उन्होंने ‘व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी’ (White Rabbit Technology) पर आधारित भारतीय मानक समय (IST) वितरण प्रदर्शन नेटवर्क का औपचारिक उद्घाटन किया।
‘वन नेशन, वन टाइम’ पहल: समय के लिए खत्म होगी विदेशी निर्भरता
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि ‘वन नेशन, वन टाइम’ पहल के तहत शुरू किया गया यह नेटवर्क पूरे देश में एक समान, अत्यधिक सटीक और सुरक्षित समय प्रणाली स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
“इस स्वदेशी तकनीक के आने से अब भारत को समय निर्धारण के लिए GPS जैसे विदेशी स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे देश की डिजिटल अवसंरचना (Digital Infrastructure) अधिक सुरक्षित होगी और साइबर हमलों तथा डेटा में छेड़छाड़ जैसे बड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी।” – प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री
किन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा फायदा?
यह उच्च-परिशुद्धता (High Precision) समय समन्वय प्रणाली देश की बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाओं के सुरक्षित संचालन में अहम भूमिका निभाएगी:
- शेयर बाजार और डिजिटल बैंकिंग: सटीक समय से वित्तीय लेनदेन अधिक सुरक्षित होंगे।
- ऑनलाइन भुगतान: साइबर फ्रॉड और डेटा टेंपरिंग की गुंजाइश खत्म होगी।
- दूरसंचार नेटवर्क और राष्ट्रीय बिजली ग्रिड: ग्रिड फेल्योर और नेटवर्क मिसमैच जैसी समस्याओं से बचाव होगा।
इन प्रमुख संस्थानों के सहयोग से हुआ तैयार
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नोडल एजेंसी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय का लीगल मेट्रोलॉजी प्रभाग है। इस प्रणाली को देश के चार बड़े संस्थानों के आपसी सहयोग से विकसित किया गया है:
- नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (NPL)
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
- भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL)
- भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI)
वैश्विक मानकों के अनुरूप और अधिक पारदर्शी
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरी तरह स्वदेशी प्रणाली वैश्विक कोऑर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम (UTC) मानकों के अनुरूप काम करेगी। इससे न केवल भारत की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि देश को विश्वस्तरीय समय मानक भी उपलब्ध होगा। प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा कि भविष्य में यह एक समान समय प्रोटोकॉल डिजिटल गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवाओं में पारदर्शिता को मजबूत करने का मुख्य आधार बनेगा।
इस उद्घाटन कार्यक्रम में उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे, अतिरिक्त सचिव अनुपम मिश्रा, लीगल मेट्रोलॉजी के निदेशक आशुतोष अग्रवाल सहित विज्ञान और प्रशासन जगत के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
