प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। समारोह में पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन हुआ, जिसके बाद 21 तोपों की सलामी और वायुसेना के Mi-17 हेलिकॉप्टरों से पुष्पवर्षा की गई। इस वर्ष का समारोह ‘युवा शक्ति’ को समर्पित रहा, जो 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में युवाओं के योगदान को रेखांकित करता है।
भाषण के प्रमुख बिंदु:
- आर्थिक प्रगति व गरीबी उन्मूलन: पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशवासियों के प्रयास से भारत ‘फ्रैजाइल फाइव’ से निकलकर दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था बना है, जिससे 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
- ऊर्जा और परमाणु लक्ष्य: ऊर्जा सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने 2047 तक 100 गीगावॉट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने और इस दशक में 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य रखा। ऑफशोर नो-गो जोन के 99% क्षेत्र को खोज के लिए खोल दिया गया है।
- युवा व AI कौशल: अगले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ट्रेनिंग दी जाएगी। 5 से 15 वर्ष के बच्चों की खेल प्रतिभा तराशने के लिए राष्ट्रव्यापी टैलेंट हंट शुरू होगा। भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) की मेजबानी करेगा।
- निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग: गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु शीर्ष शिक्षकों द्वारा मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी, जिससे कोचिंग क्लास के हजारों करोड़ रुपये बचेंगे।
- तकनीक व सेमीकंडक्टर: देश में 3 सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 नए प्लांट स्थापित होंगे। इसके अलावा, नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन और क्रिटिकल मिनरल कॉरिडोर का ऐलान किया गया।
- रेलवे का 100% विद्युतीकरण: पिछले एक दशक में भारतीय रेल नेटवर्क का शत-प्रतिशत (100%) विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है, जिससे डीजल आयात पर निर्भरता कम हुई है।
- वैश्विक लक्ष्य व व्यापार: भारत ने लगभग 40 देशों के साथ FTA किए हैं। पीएम ने भारत की 50 कंपनियों को फॉर्च्यून 500 में, कम से कम एक बैंक को दुनिया के शीर्ष 5 बैंकों में और एक फार्मा कंपनी को वैश्विक स्तर पर शीर्ष 5 में शामिल करने का लक्ष्य रखा।
- महिला आरक्षण व नक्सलवाद: उन्होंने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में अब नक्सल-माओवादी हिंसा अपनी अंतिम सांसें ले रही है।
प्रधानमंत्री ने देश को आगे बढ़ाने के लिए ‘सप्त धारा’ (शक्ति की सात धाराएं) का आह्वान किया और हाल ही में बाढ़ व भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
