केंद्र सरकार ने पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी बाड़ को जीरो लाइन के करीब स्थानांतरित करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों को अपनी भूमि पर खेती करने में आ रही कठिनाइयों को समाप्त किया जा सके। इस महत्वपूर्ण कदम के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब के छह प्रमुख सीमावर्ती जिलों—फिरोजपुर, तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और फाजिल्का के उपायुक्तों को पत्र जारी कर प्रस्तावित बदलाव के संबंध में सामाजिक प्रभाव सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस जमीनी कवायद को जल्द ही संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम द्वारा शुरू किया जाएगा।
आकाशवाणी जालंधर के अनुसार, वर्तमान व्यवस्था के तहत किसानों को बाड़ के पार स्थित अपनी ही जमीन पर खेती करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा निर्धारित सीमित समय के दौरान ही जाने की अनुमति दी जाती है, जिससे कृषि कार्यों में काफी बाधा आती है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान इस विकास की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बाड़ को जीरो लाइन की ओर खिसकाने से लाखों एकड़ भूमि बाड़ के भीतर आ जाएगी। इससे किसान बिना किसी सुरक्षा प्रतिबंध या समय की पाबंदी के स्वतंत्र रूप से अपनी फसलों की देखभाल और खेती कर सकेंगे।
