इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घबराहट व सट्टेबाजी वाली खरीदारी कम होने के साथ चीनी की कीमतों में जल्द नरमी आने की संभावना है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ISMA की प्रेस कॉन्फ्रेंस से इतर एक समाचार एजेंसी से बातचीत में बल्लानी ने कहा कि पिछले करीब 20 दिनों में चीनी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी मुख्य रूप से पैनिक और स्पेकुलेटिव बाइंग के कारण रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में चीनी की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की समस्या नहीं है।
एथेनॉल के लिए चीनी डायवर्जन को बताया गलत वजह
दीपक बल्लानी ने चीनी की कीमतों में हालिया तेजी के लिए चीनी को एथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़े जाने को जिम्मेदार मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि घरेलू खपत हमेशा पहली प्राथमिकता है और देश में चीनी की उपलब्धता पर्याप्त है।
व्यापारियों के स्टॉक लिमिट में कटौती की मांग
ISMA के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर ने बताया कि एसोसिएशन ने सरकार से व्यापारियों के लिए चीनी की स्टॉक रखने की सीमा 400 टन से घटाकर 200 टन करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि इससे अधिक मात्रा में चीनी बाजार में उपलब्ध होगी और खुदरा बाजार में स्टॉक बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले चार से छह महीनों में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें चीनी मिलों में स्टॉक का भौतिक सत्यापन और व्यापारियों, संस्थागत खरीदारों तथा थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा तय करना शामिल है।
10 लाख टन चीनी आयात का फैसला
नीरज शिरगांवकर ने बताया कि सरकार ने पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम के तौर पर 10 लाख टन चीनी आयात की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इन उपायों से घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता सहज बनी रहने की उम्मीद है।
