केंद्रीय मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (Energy Storage Systems) के साथ फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक (तैरते सौर पैनल) परियोजनाओं के विकास के लिए ‘प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना’ (PM-SSY) को मंजूरी दे दी है। नई दिल्ली में कैबिनेट बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि इस योजना को 5,070 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ स्वीकृति दी गई है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
- उत्पादन लक्ष्य: इस योजना के तहत ऊर्जा भंडारण प्रणाली (ESS) के साथ 5,000 मेगावाट (MW) क्षमता की फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं का विकास किया जाएगा।
- स्टोरेज क्षमता: इन परियोजनाओं में कम से कम दो घंटे की भंडारण क्षमता वाली सह-स्थित ऊर्जा भंडारण प्रणालियां होंगी, जिनकी कुल क्षमता 10,000 मेगावाट-घंटा (MWh) होगी।
- जमीन की बचत: केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन सौर संयंत्रों के निर्माण के लिए किसी अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की आवश्यकता नहीं होगी।
- जलाशयों का सही उपयोग: यह पहल देश के मौजूदा जलाशयों, नहरों और औद्योगिक तालाबों के उत्पादक और बेहतर उपयोग का अवसर प्रदान करेगी।
- समय सीमा: ‘प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना’ की कार्यान्वयन अवधि 5 वर्ष निर्धारित की गई है।
