सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को आगे बढ़ाने वाले नवाचारों के लिए देशभर के छह युवा-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को यूथ को:लैब नेशनल इनोवेशन चैलेंज 2026 में विजेता घोषित किया गया। इन स्टार्टअप्स को सर्कुलर इकोनॉमी, टिकाऊ वस्त्र एवं फैशन, खाद्य प्रणाली और जल संरक्षण के क्षेत्र में अभिनव समाधान विकसित करने के लिए सम्मानित किया गया।
United Nations Development Programme इंडिया और सिटी फ़ाउंडेशन के संयुक्त नेतृत्व में, अटल इनोवेशन मिशन के सहयोग तथा T-Hub Foundation के क्रियान्वयन के तहत आयोजित यह पहल युवाओं के नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुकी है।
इस वर्ष प्रतियोगिता में 28 राज्यों से 350 से अधिक युवा-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स ने आवेदन किया। चयन प्रक्रिया के बाद 50 स्टार्टअप्स को तीन महीने के वर्चुअल क्षमता निर्माण कार्यक्रम ‘नेशनल स्प्रिंगबोर्ड प्रोग्राम’ में शामिल किया गया, जहां उन्हें 16 उद्योग विशेषज्ञों और मेंटर्स का मार्गदर्शन मिला।
प्रतिभागी स्टार्टअप्स ने तीन प्रमुख विषयों—टिकाऊ वस्त्र एवं फैशन, सर्कुलर इकोनॉमी नवाचार, तथा टिकाऊ खाद्य प्रणाली और जल संरक्षण—पर अपने समाधान विकसित किए।
4 जून 2026 को आयोजित नेशनल इनोवेशन डायलॉग में सभी 50 स्टार्टअप्स ने अपनी परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। इसके बाद शीर्ष 20 स्टार्टअप्स को 15 से 19 जून तक T-Hub, हैदराबाद में आयोजित रीजनल इमर्शन बूटकैंप के लिए चुना गया।
पांच दिवसीय इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को मास्टरक्लास, मेंटरशिप सत्र, उद्योग भ्रमण और निवेशकों तथा विशेषज्ञों के साथ संवाद का अवसर मिला। अंतिम मूल्यांकन के बाद छह स्टार्टअप्स को उनके प्रभावशाली और विस्तार योग्य समाधानों के लिए चुना गया।
विजेता स्टार्टअप्स में नवा प्रयोगा लैब्स एलएलपी (ग्रासिप), अनबबल और इकोरेनोवा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल रहे। इन तीनों स्टार्टअप्स को 3.50 लाख रुपये की सीड ग्रांट, क्षमता निर्माण सहायता और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तक विशेष पहुंच प्रदान की जाएगी।
उपविजेता स्टार्टअप्स में इको कुशन, वासुदेव इनोवेशंस और वुमेनास्टिकको शामिल रहे। इन्हें 2.20 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई।
तेलंगाना इनोवेशन सेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेराज फहीम ने कहा कि यूथ को:लैब जैसी पहलें युवाओं की नेतृत्व क्षमता, नवाचार और सहयोग की शक्ति को मजबूत करती हैं।
अटल इनोवेशन मिशन के कार्यक्रम निदेशक प्रतीक देशमुख ने कहा कि भारत में स्टार्टअप्स की कमी नहीं है, बल्कि अवसरों, पूंजी और मार्गदर्शन के समान वितरण की आवश्यकता है।
एंजेला लुसिगी ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है और जलवायु व विकास लक्ष्यों को हासिल करने में युवा नवाचारकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
कार्यक्रम के दौरान समावेशी नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और प्रभावशाली युवा उद्यमिता पर विशेषज्ञ पैनल चर्चाओं का भी आयोजन किया गया।
