वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक गजट अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क) की दरों में बड़ा बदलाव किया है। कल रात जारी किए गए इस नए आदेश के तहत सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर नए सिरे से शुल्क लगाने का फैसला किया है, जबकि डीजल और हवाई ईंधन (ATF) के निर्यात पर लगने वाले टैक्स में काफी राहत दी है। सरकार द्वारा संशोधित की गई ये नई दरें आज से शुरू होने वाले अगले पखवाड़े (15 दिनों) के लिए प्रभावी रहेंगी।
राहत की बात यह है कि देश के भीतर आम जनता के लिए पेट्रोल और डीजल की घरेलू खपत पर लगने वाले मौजूदा एक्साइज ड्यूटी की दरों में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
एक्साइज ड्यूटी संशोधन के मुख्य बिंदु:
- पेट्रोल निर्यात पर नया शुल्क: सरकार ने देश से बाहर भेजे जाने वाले (निर्यात होने वाले) पेट्रोल पर 3 रुपये प्रति लीटर की दर से स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी लागू कर दी है।
- डीजल निर्यात शुल्क में भारी कटौती: डीजल के निर्यात पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को 23 रुपये प्रति लीटर से घटाकर अब 16 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है, जिससे निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी।
- हवाई ईंधन (ATF) भी हुआ सस्ता: एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी विमानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के निर्यात पर भी लगने वाले शुल्क को आधा कर दिया गया है। इसे पहले के 33 रुपये प्रति लीटर से घटाकर अब सीधे 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
- घरेलू दरों पर कोई असर नहीं: सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत के घरेलू बाजार में खपत होने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में कोई फेरबदल नहीं किया गया है, यानी घरेलू दरें पूरी तरह स्थिर बनी रहेंगी।
- अगले 15 दिनों के लिए प्रभावी: वित्त मंत्रालय द्वारा तय की गई ये नई संशोधित दरें आज से लागू हो चुकी हैं और अगले दो हफ्तों (एक पखवाड़े) तक लागू रहेंगी, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति देखकर दोबारा समीक्षा की जाएगी।
