मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक कई अहम फैसलों के साथ संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् के सामूहिक गान से हुई, जिससे पूरे माहौल में देशभक्ति की भावना झलकती नजर आई। इस दौरान राज्य के विकास, कृषि क्षेत्र की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 9 से 13 जून तक ब्रिक्स समूह का अंतरराष्ट्रीय कृषि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में ब्राजील, रूस, चीन, सऊदी अरब और यूएई सहित कुल 21 देशों के प्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ भाग लेंगे। यह आयोजन न केवल राज्य बल्कि देश के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे वैश्विक स्तर पर कृषि नवाचार, तकनीक और अनुभवों का आदान-प्रदान होगा।
कैबिनेट बैठक में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बड़ा फैसला लिया गया। दलहन आत्मनिर्भर मिशन के तहत अगले पांच वर्षों में 2 हजार 442 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में दलहन उत्पादन को बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और आयात पर निर्भरता कम करना है। सरकार का मानना है कि इस पहल से कृषि क्षेत्र में स्थायित्व आएगा और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं पर काम कर रही है, जिससे कृषि और उद्योग दोनों क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कृषि सम्मेलन से प्रदेश को नई तकनीकों और निवेश के अवसर भी प्राप्त होंगे।
इस तरह कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले मध्य प्रदेश को कृषि और औद्योगिक विकास की दिशा में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकेत देते हैं।
