उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत जिले चंपावत में आयोजित ऐतिहासिक ‘गोलज्यू महोत्सव-2026’ के भव्य समापन समारोह को संबोधित किया। इस धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव के समापन पर मुख्यमंत्री ने चंपावत समेत पूरे प्रदेश की जनता को बधाई दी और देवभूमि की समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनकी सरकार चंपावत जैसे सीमांत और महत्वपूर्ण जिले के व्यापक और संतुलित विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य फोकस प्रदेश की धार्मिक विरासत को संवारना है। इसके लिए ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को एक भव्य और दिव्य रूप प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में चंपावत जिले के विभिन्न प्रमुख आस्था केंद्रों का योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के संबोधन और विकास कार्यों के मुख्य बिंदु:
- आस्था केंद्रों का कायाकल्प: मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के तहत जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों जैसे मां वाराही धाम देवीधुरा, ऐतिहासिक बालेश्वर मंदिर और पाताल रुद्रेश्वर के सुनियोजित विकास की प्रक्रिया गतिमान है।
- गोलज्यू और शारदा कॉरिडोर का निर्माण: देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और राज्य में धार्मिक पर्यटन (रिलिजियस टूरिज्म) के व्यापक विस्तार के लिए चंपावत में भव्य ‘गोलज्यू कॉरिडोर’ तथा टनकपुर में ‘शारदा कॉरिडोर’ का निर्माण कार्य बेहद तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।
- प्रदेश की खुशहाली की कामना: मुख्यमंत्री धामी ने देवभूमि उत्तराखंड के न्याय के देवता माने जाने वाले ‘गोलज्यू देवता’ से प्रार्थना करते हुए राज्य के समस्त नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति की कामना की।
