प्रदेश के पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र यानी लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सरल और डिजिटल हो गई है। नई व्यवस्था के तहत पेंशनर अब घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय के पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में पेंशनरों को डिजिटल सत्यापन और ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। यहां डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट यानी डीएलसी के माध्यम से अब तक 1 लाख 84 हजार से अधिक पेंशनरों का सफल सत्यापन किया जा चुका है।
सरकार की इस नई पहल के तहत “जीवन प्रमाण” ऐप और “आधार फेस आरडी” तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इन तकनीकों की मदद से पेंशनर आसानी से अपनी पहचान सत्यापित कर पा रहे हैं। इसके अलावा आईएफएमएस ऐप के जरिए पेंशनर घर बैठे अपनी पेंशन स्टेटमेंट डाउनलोड करने के साथ-साथ सत्यापन की स्थिति भी ऑनलाइन देख सकते हैं।
सरकार का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ने के साथ पेंशनरों को समय और परेशानी दोनों से राहत मिलेगी। खासतौर पर बुजुर्ग पेंशनरों के लिए यह सुविधा काफी लाभकारी साबित हो रही है।
